मुख्य विकास अधिकारी ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना; उन्नत खेती के गुर सीखेंगे किसान
बांदा। जनपद के किसानों को आधुनिक खेती और नवीन तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से नाबार्ड समर्थित पिपरोदर वाटरशेड परियोजना के तहत एक विशेष पहल की गई है। आदर्श ज्ञान विज्ञान विकास संस्थान द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम के अंतर्गत परियोजना क्षेत्र के 32 किसानों के एक दल को एक्सपोज़र विज़िट के लिए आईसीएआर-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), नई दिल्ली भेजा गया है।
अधिकारियों ने बढ़ाया उत्साह बुधवार को विकास भवन, बांदा से मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी (CDO) अजय कुमार पाण्डेय ने किसान दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर डीडीएम नाबार्ड संदीप कुमार गौतम, एलडीएम बांदा रवि शंकर, उप कृषि निदेशक डॉ. अभय कुमार यादव तथा जिला कृषि अधिकारी संजय कुमार मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
तकनीक से बढ़ेगी किसानों की आय किसानों को संबोधित करते हुए सीडीओ अजय कुमार पाण्डेय ने नाबार्ड और संस्थान के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा:
“देश की प्रतिष्ठित संस्था आईसीएआर-आईएआरआई के पूसा कृषि विज्ञान मेले में जाकर किसानों को नवीन तकनीकों, उन्नत बीज और आधुनिक नवाचारों को करीब से देखने का अवसर मिलेगा। यह अनुभव न केवल उनकी आय बढ़ाने में सहायक होगा, बल्कि क्षेत्र में टिकाऊ कृषि को भी बढ़ावा देगा।”
विज़िट का मुख्य उद्देश्य आदर्श ज्ञान विज्ञान विकास संस्थान के अध्यक्ष रवि यादव और प्रबंधक अभय प्रताप सिंह ने बताया कि इस यात्रा का मुख्य लक्ष्य किसानों को जल संरक्षण के उपायों, बेहतर कृषि प्रबंधन और आधुनिक कृषि यंत्रों से अवगत कराना है। संस्थान का मानना है कि जब किसान प्रत्यक्ष रूप से इन तकनीकों को देखेंगे, तो वे इन्हें अपने खेतों में लागू करने के लिए प्रेरित होंगे।
इस दौरान अवर अभियंता महेंद्र कुमार, पुनीत विश्वकर्मा और आजाद मोहम्मद सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। यह दल दिल्ली में आयोजित होने वाले विशाल कृषि मेले में विशेषज्ञों से संवाद करेगा और खेती की नई प्रणालियों का अध्ययन करेगा।
