पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारियों ने समाधान दिवस पर सुनी समस्याएं
डीआईजी ने मटौन्ध तथा डीएम,एसपी ने कोतवाली नगर में बोला धावा
UP TIMES NEWS- शनिवार को जनपद के सभी थाना एवं कोतवालियों में समाधान दिवस आयोजित हुआ। जहां डीआईजी परिक्षेत्र सहित डीएम,एसपी ने थानों में पहुंचकर फरियादियों की समस्याये सुनी। कई शिकायतों का अधिकारियों ने अपनी मौजूदगी में निस्तारण भी कराया। शेष शिकायतो के निस्तारण के लिए अधिकारियों के द्वारा टीम गठित की गई।
जनशिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण हेतु मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा दिये आदेशों के क्रम में शनिवार को जनपद के समस्त थानों में थाना समाधान दिवस का आयोजन किया गया। जिसमें पुलिस व राजस्व विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम द्वारा समस्त थानों में जनता की शिकायतें सुन उनका निस्तारण किया गया। थाना समाधान दिवस पर पुलिस उपमहानिरिक्षक चित्रकूटधाम परिक्षेत्र राजेश एस ने थाना मटौंध पहुंचकर फरियादियों की समस्याएं सुनी। उनके समक्ष कुल पांच मामले आये। जिस पर डीआईजी राजेश एस ने दो प्रकरण तत्काल निस्तारित किये।

उन्होंने निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान सहायक पुलिस अधीक्षक/सीओ सिटी मेविस टॉक,थानाध्यक्ष संदीप कुमार सिंह आदि मौजूद रहे। जिलाधिकारी जे0 रीभा,पुलिस अधीक्षक पलाश बसंल द्वारा थाना कोतवाली नगर में जनता की शिकायतों को सुन उनके निस्तारण हेतु सम्बन्धित को निर्देशित किया गया। डीएम जे रीभा ने पुलिस तथा राजस्व अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सामांजस्य बनाकर शिकायतों का निस्तारण कराये। एसपी पलाश बंसल ने कहा कि जन शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। निष्पक्षता के साथ प्रार्थना पत्रों का निस्तारण कराये। एसडीएम अतर्रा राहुल द्विवेदी,सीओ प्रवीण कुमार,डिप्टी एसपी पीयूष पांडे ने अतर्रा थाने में बैठकर फरियादियों की समस्याएं सुनी। इसके बाद सीओ प्रवीण कुमार बदौसा थाने भी पहुंचे। सीओ सदर राजवीर सिंह गौर ने चिल्ला,तिंदवारी,पैलानी थाने में पहुंचकर समाधान दिवस पर समस्या सुनते हुए कई मामले निस्तारित कराये। जनपद के समस्त थानों पर पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा जनसुनवाई की गयी। जहां उनके द्वारा जन शिकायतों/समस्याओं को सुन उनका निस्तारण किया गया। थाना समाधान दिवस पर जनपद में कुल 91 शिकायतें प्राप्त हुई। जिसमें 38 शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया। जबकि शेष शिकायतों के निस्तारण हेतु टीमों का गठन किया गया।
