कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को तकनीकी खेती करने के टिप्स
UP TIMES NEWS- कृषि विज्ञान वैज्ञानिकों ने किसानों को तकनीकी खेती के गुर सिखाए है। ताकि फसल की उत्पादकता बढ़ सके।
जनपद में मसूर का उत्पादन व क्षेत्रफल बढाने के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन दलहन अन्तर्गत समूह अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन का आयोजन जनपद के 120 हे0 क्षेत्रफल में किया जा रहा है। जिसके अन्तर्गत जनपद के विभिन्न विकासखण्डों के लगभग 18 ग्रामों के 300 कृषक शामिल होंगे। जिनके प्रक्षेत्रों में मसूर प्रजाति आई0पी0एल0-315 के प्रजातीय प्रदर्षन समूहवार आयोजित किये जायेगेें। शुक्रवार को ग्राम अरबई,बरेठी,असकरन मवई,पारा बिहारी व अछरौड के 80 कृषकों को प्रदर्शन के साथ-साथ मसूर की वैज्ञानिक खेती पर प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया है। केन्द्र की वैज्ञानिक डा0 दीक्षा पटेल ने सभी कृषकों का केन्द्र पर स्वागत किया तथा प्रदर्शन हेतु उपलब्ध प्रजाति आई0पी0एल0-315 की विशेषताएं बतायीं। उन्होने बताया कि आई0पी0एल0-315 भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान कानपुर द्वारा उत्पादित प्रजाति है। जिसे वर्ष 2019 में रिलीज किया गया था। इसकी पैदावार 12-13 कु0/ हैक्टेयर है। साथ ही रतुआ व उक्ठा के प्रति प्रतिरोधी हैं। डा0 श्याम सिंह ने कृषकों को मसूर की वैज्ञानिक खेती पर खेत की तैयारी,बीज शोधन से लेकर कटाई तक की विधियों को विस्तृत में बताया। बीज शोधन व भूमि शोधन के लिये ट्राइकोडर्मा हरजेरियम भी उपलब्ध कराया गया। इससे 10 ग्राम/कि0ग्रा0 बीज की दर से बीज शोधन व 05 कि0ग्रा0/हे0 की दर से भूमि शोधन किया जा सकता है। इससे बीज व भूमि जनित रोगों से मुक्ति मिलती है। प्रशिक्षण के अन्त में किसने को 16-16 कि0ग्रा0 बीज व 02-02 कि0ग्रा0 ट्राईकोडर्मा प्रदर्शन हेतु उपलब्ध कराया गया।
