राहगीरों की सूझबूझ से बची महिला, मासूम की तलाश में पुलिस व SDRF जुटी
बांदा। जनपद के मरका थाना क्षेत्र से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। पारिवारिक विवाद से क्षुब्ध एक विवाहिता ने अपनी पांच वर्षीय मासूम बेटी को मरका-अशोथर पुल से यमुना नदी में फेंक दिया। महिला स्वयं भी आत्महत्या के उद्देश्य से नदी में कूदने जा रही थी, लेकिन मौके पर मौजूद राहगीरों की सतर्कता से उसकी जान बच गई।
जानकारी के अनुसार, मरका थाना क्षेत्र के उसरा गांव निवासी ब्रजराज यादव की 25 वर्षीय पुत्री रुबीना का विवाह राजू कुमार के साथ हुआ था। वह पिछले लगभग पांच वर्षों से मायके में रह रही थी। परिजनों ने बताया कि शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे वह अपनी पुत्री पिंकी (5) को बाल कटवाने के बहाने घर से लेकर निकली थी।
बताया जाता है कि पुल पर पहुंचने के बाद रुबीना ने किसी राहगीर के मोबाइल से अपनी मां को फोन कर आत्महत्या करने की बात कही और फोन काट दिया। इसके कुछ ही देर बाद उसने अपनी मासूम बेटी को उफनती लहरों में धक्का दे दिया। वह स्वयं भी छलांग लगाने वाली थी, तभी वहां से गुजर रहे लोगों ने उसे पकड़ लिया और तत्काल पुलिस को सूचना दी।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में ससुराल पक्ष से चल रहे आपसी विवाद और मानसिक तनाव को घटना का कारण बताया जा रहा है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने बच्ची की तलाश के लिए युद्धस्तर पर अभियान शुरू कर दिया है। स्थानीय गोताखोरों, स्टीमर और नावों की सहायता से यमुना नदी में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। साथ ही राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) टीम से भी संपर्क कर रेस्क्यू अभियान में तेजी लाई जा रही है।
क्षेत्राधिकारी बबेरू सौरभ सिंह ने बताया कि पारिवारिक कारणों के चलते महिला ने यह कदम उठाया। महिला को सुरक्षित बचा लिया गया है और वह पुलिस हिरासत में है। बच्ची की तलाश जारी है तथा मामले में विधिक कार्यवाही की जा रही है।
