लोकपाल मनरेगा ने गांव पहुंचकर किया भौतिक सत्यापन
प्रधान तथा सचिव के विरुद्ध डीएम को लिखा पत्र
UP TIMES NEWS- नरैनी विकासखंड के पिपरा गांव में प्रधान तथा सचिव की अलग ही मनमानी चल रही है। मनरेगा का कार्य मजदूरों से करने के बजाय जेसीबी से कर रहे हैं। फर्जी मास्टर रोल तैयार कर बकायदा भुगतान भी उनके द्वारा किया जा रहा है। निरीक्षण करने जब लोकपाल पहुंचे तो सूचना के बावजूद पंचायत सचिव सहित अधिकारी नहीं पहुंचे। जिसको लेकर लोकपाल ने डीएम को पत्र लिखा है।

लोकपाल मनरेगा डॉ नंदलाल शुक्ला को दिए गए शिकायती पत्र में विकासखंड नरैनी के पिपरा गांव निवासी प्रवीण पटेल व अन्य गांव के लोगों ने शपथ पत्र के माध्यम से विगत 11 अगस्त 2025 को शिकायती पत्र देते हुए बताया कि ग्राम पंचायत पिपरा में मनरेगा के कार्य श्रमिकों से न कराकर जेसीबी व ट्रैक्टरों से कराया जाया जा रहा है। बिना कार्य करने वाले अपने परिवारिक सदस्यों/संबंधियों के फर्जी मस्टररोल तैयार करके भुगतान भी किया जा रहा है। शिकायती पत्र को संज्ञान लेते हुए डॉ नंदलाल शुक्ला ने कार्यक्रम अधिकारी नरैनी को जांच कर आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। लेकिन कार्यक्रम अधिकारी नरैनी ने पत्र में बिल्कुल ही रुचि नहीं ली। यहां तक कि समय से लोकपाल मनरेगा के पत्र का जवाब भी नहीं दिया। तत्पश्चात अधोहस्ताक्षरी ने पत्र के द्वारा ग्राम पंचायत पिपरा की जांच की तिथि 9 अक्टूबर 2025 को निर्धारित करते हुए खण्ड विकास अधिकारी नरैनी को सूचित कर संबंधित संचिव,प्रधान,तकनीकी सहायता एवं ग्राम रोजगार सेवक को अभिलेखों सहित पंचायत सचिवालय में उपस्थित रहने के लोकपाल मनरेगा निर्देश दिए। 9 अक्टूबर 2025 को ग्राम पंचायत पिपरा में जांच के समय मनरेगा लोकपाल के समक्ष शिकायतकर्ता व अन्य ग्रामवासी उपस्थित रहे। लेकिन ग्राम प्रधान पिपरा, ग्राम विकास अधिकारी/सचिव,ग्राम रोजगार सेवक, तकनीकी सहायक अनुपस्थित रहे। मौके पर उपस्थित पंचायत सहायक पिपरा ने बताया कि सभी संबंधितों को जांच की सूचना है तथा मनरेगा कार्यों से संबंधित समस्त अभिलेख ग्राम रोजगार सेवक एवं सचिव के पास ही उपलब्ध है। जिनके अनुपस्थित होने के कारण लोकपाल मनरेगा अभिलेखों का परीक्षण नहीं कर सके। इस संबंध में लोकपाल मनरेगा ने जिलाधिकारी जे रीभा को पत्राचार किया है। भेजे गए पत्र में उन्होंने बताया कि संबंधितों द्वारा जानबूझकर जांच कार्य में व्यवधान उत्पन्न कर जांच को लंबित रखने का प्रयास किया गया है। उपस्थित शिकायतकर्ताओं/ग्रामवासियों ने बताया कि ग्राम पंचायत ने पर्याप्त श्रमिक मौजूद है, किन्तु ग्राम प्रधान एवं सचिव द्वारा मनमाने ढंग से श्रमिकों से कार्य न कराकर ट्रैक्टरों एवं जेसीबी मशीन से कराए गए है साथ ही अपनी पारिवारिक सदस्यों एवं संबंधियों के नाम बिना कार्य किए फर्जी मस्टररोल भरकर धन का बड़े पैमाने पर आहरण कराया गया है। कार्यस्थल पर अपने परिवारिक सदस्यों को ले जाकर फावड़ा,तसला सहित फर्जी फोटो लगाए गए है। जो कभी कार्य नहीं करते है। इसलिए संबंधित सचिव/ग्राम विकास अधिकारी,तकनीकी सहायक ग्राम पंचायत पिपरा एवं कार्यक्रम अधिकारी/खण्ड विकास अधिकारी नरैनी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही किए जाने की मनरेगा लोकपाल ने डीएम से मांग की है।
