बांदा। जनपद के अतर्रा थाना क्षेत्र में मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। यहाँ तीन युवकों ने एक 15 वर्षीय किशोरी को अगवा कर होटल के कमरे में हाथ-पैर बांधकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपियों सहित एक नाबालिग को गिरफ्तार कर लिया है।
बहला-फुसलाकर ले गए होटल, हाथ-पैर बांधकर की दरिंदगी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना मंगलवार रात की है। पीड़िता के पिता ने अतर्रा थाने में दी गई तहरीर में बताया कि आरोपी महेश कुशवाहा, शक्ति सिंह (दोनों निवासी सहेवा, गिरवा) और नीरज कुशवाहा (निवासी चौसड़, बिसंडा) उनकी पुत्री को बहला-फुसलाकर अपनी मोटरसाइकिल पर बैठा ले गए।
आरोपी किशोरी को स्टेशन रोड स्थित एक होटल के कमरा नंबर 104 में ले गए। आरोप है कि वहाँ दरिंदों ने किशोरी के हाथ-पैर बांध दिए और उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया। इस दौरान आरोपियों ने पीड़िता और उसके परिवार को जातिसूचक गालियां दीं और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी भी दी।
थाने से महज 500 मीटर की दूरी पर वारदात
हैरानी की बात यह है कि जिस होटल में इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया गया, वह अतर्रा थाने से मात्र 500 मीटर की दूरी पर स्थित है। बुधवार दोपहर करीब 1:36 बजे जब पुलिस को मामले की सूचना मिली, तो महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए घटनास्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए।

संगीन धाराओं में मुकदमा, तीनों आरोपी सलाखों के पीछे
क्षेत्राधिकारी (CO) अतर्रा, प्रवीण कुमार ने बताया कि वादी की तहरीर के आधार पर तीनों नामजद आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है:
- सामूहिक दुष्कर्म: धारा 70(2) समेत 137(2), 127(2), 352 और 351(3)।
- पॉक्सो एक्ट: नाबालिग के साथ यौन अपराध की धारा 5/6।
- SC/ST एक्ट: जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल पर संबंधित धाराएं।

“तहरीर मिलते ही मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया था। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें से एक नाबालिग है। पीड़िता को चिकित्सीय परीक्षण (Medical Examination) के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।”
— प्रवीण कुमार, क्षेत्राधिकारी अतर्रा
इलाके में आक्रोश का माहौल
इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में गहरा रोष है। होटल प्रबंधन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं कि बिना उचित जांच के एक नाबालिग को आरोपियों के साथ कमरा कैसे आवंटित किया गया। पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है।
