अब कानपुर से नहीं मंगाने पड़ेंगे ऑक्सीजन सिलिंडर, रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज, बाँदा में ही होगी ऑक्सीजन की आपूर्ति

20 हजार किलो लीटर क्षमता का प्लांट करेगा ऑक्सीजन की जरूरतों को पूरा, मरीजों को मिलेगी सबसे शुद्ध ऑक्सीजन

बांदा। जिले के रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में अब मरीजों को ऑक्सीजन की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। भारत सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा मेडिकल कॉलेज के लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट को लाइसेंस जारी कर दिया गया है, जिससे अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

मेडिकल कॉलेज में पहले से ही लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट स्थापित था, लेकिन लाइसेंस न मिलने के कारण इसे चालू नहीं किया जा सका था। इस वजह से अस्पताल को अपनी जरूरतों के लिए कानपुर से जंबो ऑक्सीजन सिलिंडर मंगवाने पड़ते थे। अब लाइसेंस मिलने के बाद यह समस्या समाप्त हो गई है।

कॉलेज प्रशासन के अनुसार, 16 वार्डों में कुल 630 बेड तक सीधे ऑक्सीजन आपूर्ति की व्यवस्था की जाएगी। अगले दो महीनों के भीतर सभी बेड तक ऑक्सीजन पाइपलाइन बिछाने का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।

इस प्लांट की क्षमता लगभग 20 हजार किलो लीटर है, जो मेडिकल कॉलेज की ऑक्सीजन जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त मानी जा रही है। वर्तमान में अस्पताल में करीब 400 बेड पर मरीज भर्ती रहते हैं।

लिक्विड ऑक्सीजन को सबसे शुद्ध माना जाता है, जिससे आईसीयू, एनआईसीयू, पीआईसीयू और इमरजेंसी वार्ड में मरीजों को बेहतर और निरंतर ऑक्सीजन आपूर्ति मिल सकेगी।

मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य सुनील कौशल ने बताया कि प्लांट के चालू होने के बाद प्रत्येक मरीज के बेड तक ऑक्सीजन उपलब्ध होगी और भविष्य में किसी प्रकार की कमी नहीं रहेगी। यह उपलब्धि मेडिकल कॉलेज के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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